प्रबन्धः-

उपभोक्ता संघ का प्रबन्ध संघ की सामान्य निकाय में निहित है। उपभोक्ता संघ के वर्तमान में ३७० सहकारी संस्थायें सदस्य है जिनमें एक सदस्य राज्य सरकार भी है। उपभोक्ता संघ की सामान्य निकाय का गठन उक्त सदस्य संस्थाओं के प्रतिनिधित्व द्वारा किया जाता है। सामान्य निकाय के सदस्यों द्वारा उपभोक्ता संघ की प्रबन्ध समिति का गठन निर्वाचन के माध्यम से किया जाता है। प्रबन्ध समिति में १५ सदस्य होते है जिनमें १३ सदस्य, सदस्य संस्थाओं द्वारा निर्वाचित होते है तथा २ सदस्य राज्य सरकार द्वारा मनोनीत किये जाते है।उपभोक्ता संघ के प्रबन्ध निदेशक नामित सदस्य होते हैं।

 

प्रशासनिक व्यवस्था:-

उ० प्र० उपभोक्ता सहकारी संघ लि० का मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रबन्ध निदेशक होता है तथा उसकी सहायता के लिए विभिन्न श्रेणी के अधिकारी एवं कर्मचारी संघ में नियुक्त है जिनकी वर्तमान में संख्या ३१५ है।